AjabYatra

नरसिंहगढ़ किले की अनसुनी दास्तां! जब 6 माह के मासूम सहित 18 लोगों को अंग्रेजों ने लटका दिया फांसी पर

पंजाब का जलियांवाला बाग हत्याकांड तो सुर्खियों के कारण आज भी लोगों के जेहन में तरोताजा है, लेकिन बुंदेलखंड के जलियांवाला के नाम से प्रसिद्ध फंसाया नाला हत्याकांड केवल इतिहास के पन्नों में दर्ज होकर रह गया है.
नरसिंहगढ़ का शाब्दिक अर्थ

नरसिंहगढ़ का शाब्दिक अर्थ

छतरपुर (Chhatarpur) से लौटते समय जब बाजीराव पेशवा नसरतगढ़ पहुंचे तब उन्होंने अपने खासम खास पांडुरंग राव करमरकर को यह आदेश दिया कि नसरतगढ़ का नाम बदलकर नरसिंहगढ़ कर दें, वहीं पर अपना शासन भी चलाएं. (नरसिंहगढ़ का शाब्दिक अर्थ- नर के रूप में सिंघो का गढ़ होता है)

जब सैनिकों ने ली किले में शरण

1727 से 1730 के मध्य घटित इस घटना के करीब 130 वर्ष बाद शाहगढ़ के राजा और महाराजा छत्रसाल के वंशज महाराजा वखतबली को जब ब्रिटिश सेना ने उनके विद्रोही स्वभाव के कारण खत्म करने के लिए उन्हें किले सहित घेर लिया, तब वह अपने विश्वस्त अंग रक्षकों एवं कुछ सैनिकों के साथ अंग्रेजों को चकमा देकर वहां से भाग निकले. राजा वखतबली तो जंगलों के रास्ते भागने में कामयाब हो गए, लेकिन उनके सैनिकों को नरसिंहगढ़ में तत्कालीन मराठा सूबेदार पंडित रघुनाथ राव करमरकर के यहां शरण लेना पड़ी.

Scroll to Top